उत्तराखंड में नर्सिंग अभ्यर्थियों का उग्र आंदोलन, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने किया समर्थन

लंबे समय से आंदोलरत नर्सिंग एकता मंच का प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है, मंच सरकार से सकारात्मक पहल की

May 11, 2026 - 18:53
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उत्तराखंड में नर्सिंग अभ्यर्थियों का उग्र आंदोलन, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने किया समर्थन

उत्तराखंड: नर्सिंग अभ्यर्थियों का पानी की टंकी पर चढ़ाई आंदोलन, ज्योति रौतेला ने दिया साथ

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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड में नर्सिंग अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है, जिसके समर्थन में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला भी शामिल हुई हैं।

देहरादून की राजधानी में, एकता विहार स्थित धरना स्थल पर नर्सिंग एकता मंच के तहत लंबे समय से चल रहा यह प्रदर्शन अब उग्र रूप ले चुका है। अभ्यर्थियों की एक टोली, जो वर्षवार नियुक्तियों की मांग कर रही थी, ने अल सुबह सर्वे चौक के निकट स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर अपने हक की मांग की। इन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यह आरोप लगाया कि उनकी मांगों को सरकर द्वारा अनदेखा किया जा रहा है।

नर्सिंग एकता मंच का उत्पीड़न

नर्सिंग एकता मंच के अभ्यर्थियों ने बताया कि पिछले कई महीनों से उनकी मांगों के प्रति कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। यही कारण है कि उन्होंने इस प्रकार का उग्र आंदोलन करने का निर्णय लिया। इस प्रदर्शन में उन्होंने राष्ट्रीय और प्रदेश सरकारों से ध्यान देने की अपील की है।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष का समर्थन

इस प्रदर्शन में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला भी पानी की टंकी पर चढ़ीं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन नर्सिंग अभ्यर्थियों के हक के लिए है और उनकी मांगें पूरी करने के लिए सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए। रौतेला ने अभ्यर्थियों के साहस की सराहना की और कहा कि उनकी लड़ाई सही है।

क्या हैं नर्सिंग अभ्यर्थियों की मांगें?

नर्सिंग अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें हैं कि उन्हें जल्द से जल्द नियमित नियुक्तियां दी जाएं। वे लंबे समय से सरकार से यह समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन उनकी यह उम्मीद अभी तक पूरी नहीं हुई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

आंदोलन का भविष्य

युवाओं का यह उग्र आंदोलन सरकार के लिए एक चुनौती बन सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार को इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई कर समाधान निकालने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार के उग्र प्रदर्शनों से बचा जा सके।

हालांकि, प्रदेश की राजनीति में ऐसे आंदोलन अक्सर होते हैं, लेकिन जब यह आंदोलन समर्पित और एकजुटता के साथ होता है, तो इसके असर को नकारना मुश्किल होता है। प्रदर्शनों में भीड़ और समर्थन देखकर यह स्पष्ट होता है कि लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और वे अपनी मांगों के लिए आवाज उठा रहे हैं।

सरकार को इस विषय में गंभीरता से विचार करना होगा ताकि आंदोलनकारियों की मांगों का समाधान किया जा सके। इसके साथ ही, रौतेला ने भी कहा कि उनकी पार्टी नर्सिंग अभ्यर्थियों के मुद्दों का समर्थन करती रहेगी।

आखिरकार, क्या सरकार इस बार नर्सिंग अभ्यर्थियों की मांगों को सुनेगी? यह सवाल हर किसी के मन में है।

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टीम PWC न्यूज

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