जन जन की सरकार कार्यक्रम से लोगों को हो रहा फायदा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम...

Feb 18, 2026 - 09:53
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जन जन की सरकार कार्यक्रम से लोगों को हो रहा फायदा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन और सेवा वितरण का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस अभिनव पहल के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के द्वार पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित कर रही है।

दिनांक 17 फरवरी 2026 तक प्रदेश के सभी 13 जनपदों में कुल 648 कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। आज विभिन्न जनपदों में 10 कैंप आयोजित किए गए। अब तक इन कैंपों में कुल 5,12,767 नागरिकों ने प्रतिभाग कर अपनी समस्याएं दर्ज कराई हैं, जबकि आज आयोजित कैंपों में 15,660 लोगों ने सहभागिता की। यह आंकड़े इस बात के प्रमाण हैं कि कार्यक्रम को प्रदेश भर में व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है।

कार्यक्रम में प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक 32,841 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी करने हेतु 70,243 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं, जिन पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। अन्य योजनाओं से लाभान्वित किए गए व्यक्तियों की संख्या भी 2,85,738 तक पहुंच चुकी है, जो सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

जनपदवार प्रगति पर दृष्टि डालें तो अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत, पिथौरागढ़, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली एवं उत्तरकाशी सहित सभी जिलों में व्यापक स्तर पर कैंप आयोजित कर लोगों को लाभान्वित किया गया है। विशेष रूप से हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून एवं पौड़ी जैसे जनपदों में बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में भाग लेकर अपनी समस्याओं का समाधान कराया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त कर सुशासन के नए मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम उत्तराखण्ड में सेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही आधारित प्रशासन की नई संस्कृति को सुदृढ़ कर रहा है। प्रदेश सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है और इसी भावना के साथ यह अभियान आगे भी व्यापक स्तर पर जारी रहेगा।

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