निर्माण में मानचित्र स्वीकृति की अनिवार्यता, प्राधिकरण की कड़ी कार्रवाई
प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न क्षेत्रों में अवैध बहुमंजिला निर्माणों पर प्राधिकरण की सख़्त कार्रवाई मानचित्र स्वीकृति के बिना किए जा रहे निर्माणों पर ज़ीरो टॉलरेंस, सीलिंग अभियान रहेगा लगातार जारी प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में सहस्त्रधारा रोड एवं अन्य क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे […] The post मानचित्र स्वीकृति के बिना निर्माण पर ज़ीरो टॉलरेंस, प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई appeared first on Uttarakhand News Update.
निर्माण में मानचित्र स्वीकृति की अनिवार्यता, प्राधिकरण की कड़ी कार्रवाई
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कम शब्दों में कहें तो, प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण कार्यों में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए क्षेत्र में चल रहे बहुमंजिला निर्माणों को सील करने की कार्रवाई प्रारंभ की है। यह कदम सहस्त्रधारा रोड एवं अन्य क्षेत्रों में नियमों के उल्लंघन की पृष्ठभूमि में उठाया गया है।
अवैध निर्माणों पर सीलिंग अभियान
प्राधिकरण ने सहस्त्रधारा रोड स्थित डिफेंस एन्क्लेव और डांडा नूरीवाला में अवैध रूप से निर्माण कार्य कर रहे आयुष तलनिया और सुशील तलनिया को चिन्हित किया। जांच में यह पाया गया कि संबंधित पक्ष ने पहले से दिए गए नोटिस का संतोषजनक उत्तर नहीं दिया और न ही वैध मानचित्र प्रस्तुत किया। परिणामस्वरूप, प्राधिकरण ने संबंधित निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई की। इसी प्रकार, एकता विहार, सहस्त्रधारा रोड के अरुण चड्ढा के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की गई।
संविधान एवं सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
इन निर्माण कार्यों में यह भी पाया गया कि इनका संचालन स्वीकृत मानचित्र के बिना किया जा रहा था, जो कि क्षेत्रीय नियोजन और सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है। उपर्युक्त कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के नेतृत्व में में की गई, जिसमें सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत और पुलिस बल भी शामिल था, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
नियमों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माणों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे निर्माण केवल शहरी नियोजन को प्रभावित नहीं करते, बल्कि यह जनसुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा बनते हैं। प्राधिकरण सभी नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी निर्माण कार्य के आरंभ से पूर्व वैध मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें।
उपाध्यक्ष का बयान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इस मुद्दे पर कहा कि प्राधिकरण अवैध निर्माण के मामले में लापरवाही नहीं बरतेगा। उन्होंने कहा, "बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण से शहरी नियोजन, पारिस्थितिकी और जनसुरक्षा को खतरा होता है। हमने सभी नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।"
सचिव की जानकारी
वहीं, सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त नियंत्रण के लिए नियमित निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।
प्राधिकरण का यह अभियान शहर को व्यवस्थित, सुरक्षित और नियोजित रखने के लिए महत्वपूर्ण है। भविष्य में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के प्रति सजग रहकर ही हम एक बेहतर शहरी वातावरण का निर्माण कर सकते हैं।
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टीम PWC News
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