पूर्वोत्तर सुरक्षा को प्राथमिकता, सिलीगुड़ी कॉरिडोर में सैन्य तैयारियों में तेजी

भारत अपने सबसे संवेदनशील सामरिक क्षेत्र सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ की सुरक्षा को पहले से अधिक मजबूत बनाने में जुट गया है। भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का पूर्वी कमान के प्रमुख सैन्य ठिकानों का दौरा इस दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। देश अब सीमाओं की निगरानी तक सीमित […] The post पूर्वोत्तर सुरक्षा पर बड़ा फोकस, सिलीगुड़ी कॉरिडोर में बढ़ी सैन्य तैयारियां तेज appeared first on Khabar Sansar News.

Jul 16, 2026 - 18:53
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पूर्वोत्तर सुरक्षा को प्राथमिकता, सिलीगुड़ी कॉरिडोर में सैन्य तैयारियों में तेजी

पूर्वोत्तर सुरक्षा को प्राथमिकता, सिलीगुड़ी कॉरिडोर में सैन्य तैयारियों में तेजी

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कम शब्दों में कहें तो भारत ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को पहले से अधिक मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का हालिया दौरा इस दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।

भारत के सामरिक दृष्टिकोण में सिलीगुड़ी कॉरिडोर एक महत्वपूर्ण कड़ी है जिसे ‘चिकन नेक’ के नाम से भी जाना जाता है। यह क्षेत्र अब अधिक सुरक्षा उपायों और सैन्य तैयारियों का केंद्र बन गया है। जनरल धीरज सेठ के द्वारा किया गया पूर्वी कमान के प्रमुख सैन्य ठिकानों का दौरा इस दिशा में एक महत्वपूर्ण भागीदारी दर्शाता है।

सेना प्रमुख का दौरा: पूर्वोत्तर सुरक्षा पर विशेष ध्यान

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने बेंगडुबी मिलिट्री स्टेशन और नागालैंड स्थित 3 कोर (स्पीयर कोर) सहित पूर्वी कमान के विभिन्न सैन्य ठिकानों का दौरा किया। उनके इस दौरे में सुरक्षा के मौजूदा हालात, सैनिकों की तैनाती, और आधुनिक निगरानी प्रणालियों की व्यापक समीक्षा की गई। इस दौरान तकनीकी प्रगति, सैन्य आधुनिकीकरण, और परिचालन क्षमता को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई।

सिलीगुड़ी कॉरिडोर का सामरिक महत्व

बेंगडुबी मिलिट्री स्टेशन सिलीगुड़ी कॉरिडोर के उत्तरी प्रवेश द्वार पर स्थित है, जो नेपाल एवं बांग्लादेश के बीच का दुर्गम क्षेत्र है। इसकी चौड़ाई 20 किलोमीटर से भी कम है, जो इसे भारत के लिए एक संवेदनशील स्थान बनाता है। यह क्षेत्र मुख्य भूभाग को पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मणिपुर, और मेघालय से जोड़ता है। किसी भी प्रकार के संघर्ष में इस क्षेत्र के संपर्क में बाधा आने से सैन्य राहत और नागरिक आपूर्ति में गंभीर असर पड़ सकता है।

रक्षा और परिवहन नेटवर्क का विकास

केंद्र सरकार ने इस रणनीतिक महत्व के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में रक्षा और परिवहन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया है। भारतीय रेलवे द्वारा प्रस्तावित 35 किलोमीटर लंबी भूमिगत रेल लाइन युद्ध और आतंकी हमलों के समय में सैन्य आपूर्ति बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगी।

सड़क नेटवर्क और सीमा सुरक्षा में मजबूती

सड़क संपर्क को भी मजबूत किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल सरकार ने सात राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास का जिम्मा एनएचएआई और एनएचआईडीसीएल को सौंपा है। सीमा सुरक्षा बल को 120 एकड़ से ज्यादा भूमि दी गई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।

हासीमारा एयरबेस और बागडोगरा की भूमिका

इस सुरक्षा ढांचे में बागडोगरा हवाई अड्डा और हासीमारा वायुसेना स्टेशन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हासीमारा एयरबेस में भारतीय वायुसेना के राफेल स्क्वॉड्रन तैनात हैं, जिससे पूर्वी क्षेत्र में किसी भी सैन्य चुनौती का सामना पहले से अधिक सक्षम तरीके से किया जा सकेगा।

आधुनिक युद्ध क्षमताओं का विकास

सेना प्रमुख के दौरे के दौरान, आधुनिक निगरानी प्रणाली और AI आधारित तकनीकों की समीक्षा की गई। यह स्पष्ट संकेत है कि भारतीय सेना पारंपरिक युद्ध क्षमताओं के साथ-साथ आधुनिक सैन्य चुनौतियों के तौर-तरीकों को भी समझते हुए खुद को बदल रही है।

3 कोर में नए 'VIJAY' विजन का प्रस्तुति

नागालैंड स्थित 3 कोर के दौरे में जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के लिए नया 'VIJAY' विजन प्रस्तुत किया। इसमें सतर्कता, नवाचार, संयुक्तता, आत्मनिर्भरता, और योद्धा सर्वोपरि जैसे प्रमुख स्तंभ शामिल हैं।

सेना प्रमुख का महत्वपूर्ण क्षेत्र दौरा

यह जनरल धीरज सेठ का दूसरा अग्रिम क्षेत्र का दौरा है। पहले उन्होंने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सेना नेतृत्व पश्चिमी और पूर्वी मोर्चों की सुरक्षा तैयारियों का लगातार प्रदर्शन कर रहा है।

भारत की सुरक्षा प्रक्रियाएँ

सिलीगुड़ी कॉरिडोर केवल सीमावर्ती क्षेत्र नहीं है बल्कि यह भारत की क्षेत्रीय अखंडता और पूर्वोत्तर राज्यों से संपर्क का महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके सामरिक महत्व को देखते हुए, भारत संपूर्ण सुरक्षा ढांचे को एकीकृत करके एक मज़बूत रणनीति की ओर अग्रसर है। जनरल धीरज सेठ का हालिया दौरा इसी दृष्टिकोण को और स्पष्ट करता है।


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— Team PWC News, सिया शर्मा

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