बंदर के धक्के से बुजुर्ग की मौत: क्षेत्र में बढ़ रही चिंताएँ और सुरक्षा की मांग
खबर संसार लालकुआं.बंदर के धक्के से बुजुर्ग की मौत जी हा पूरा मामला इस प्रकार है कि मॉर्निंग वॉक कर रहे बुजुर्ग को बंदर ने पीछे से धक्का मारकर गिरा दिया। सड़क पर गिरने से उनकी मौत हो गई।लालकुआं के क्षेत्रवासियों ने पालिका और प्रशासन से बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की मांग […] The post बंदर के धक्के से बुजुर्ग की मौत appeared first on Khabar Sansar News.
बंदर के धक्के से बुजुर्ग की मौत: क्षेत्र में बढ़ रही चिंताएँ और सुरक्षा की मांग
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कम शब्दों में कहें तो, लालकुआं में एक बुजुर्ग की मौत एक बंदर द्वारा धक्का दिए जाने के कारण हुई। घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को हिलाकर रख दिया है, बल्कि प्रशासन की लापरवाही पर भी सवाल उठाए हैं।
लालकुआं में सुबह की ताजगी के बीच एक दुखद घटना घटित हुई जिसमें 69 वर्षीय मोहम्मद इदरीश, जो अपने दोस्तों के साथ मॉर्निंग वॉक पर थे, बंदर के धक्के से गिरकर घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई जब इदरीश राजीव नगर बंगाली कॉलोनी के पास वार्ड नंबर 3 की सड़क पर चल रहे थे। उन्होंने बताया कि अचानक पीछे से आए एक बंदर ने उन्हें धक्का मार दिया, जिससे वह सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों की चिंताएँ
इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाने की मांग की है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि बंदरों की बढ़ती संख्या और उनके आक्रामक व्यवहार के कारण यह न केवल बुजुर्गों के लिए, बल्कि सभी निवासियों के लिए खतरनाक हो गया है। उन्होंने इसे एक जन स्वास्थ्य और सुरक्षा का मुद्दा बताया है।
इदरीश को उनके साथियों ने तुरंत सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचाने में असफल रहे। उनके परिवार में एक पुत्र और तीन पुत्रियाँ हैं, जो इस दुखद घटना से गहरे सदमे में हैं। इदरीश 2015 में सेंचुरी पेपर मिल से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके निधन ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की खामियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
बंदरों के आक्रामक व्यवहार की यह घटना इस बात को स्पष्ट करती है कि जब तक प्रशासन इस समस्या का समाधान नहीं करता, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे। कई निवासियों ने सुझाव दिया है कि बंदरों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की योजना बनाई जानी चाहिए ताकि स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस अकल्पनीय घटना ने हमें यह सोचने पर मजबूर किया है कि क्या आगे कोई और मासूम जिंदगी ऐसे ही हादसों की भेंट चढ़ जाएगी। समय है कि स्थानीय निकाय और प्रशासन इस विषय पर गंभीरता से विचार करें और उचित कदम उठाएँ।
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सादर,
Team PWC News
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