मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां चंडिका महायज्ञ में भाग लिया, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण का किया संकल्प
मुख्यमंत्री बीरों देवल रुद्रप्रयाग में आयोजित मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में हुए शामिल मां चंडिका महावन्याथ में मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का दोहराया संकल्प मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड अगस्त्यमुनि के ग्राम बीरों देवल में आयोजित मां चंडिका महावन्याथ […] The post मां चंडिका महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण का दोहराया संकल्प appeared first on Uttarakhand News Update.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां चंडिका महायज्ञ में भाग लिया, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण का किया संकल्प
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां चंडिका महायज्ञ में भाग लेकर प्रदेश की खुशहाली की कामना की और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संकल्प पुनः दोहराया।
मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड अगस्त्यमुनि के ग्राम बीरों देवल में आयोजित मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में भाग लिया। इस धार्मिक आयोजन में शामिल होकर उन्होंने मां चंडिका मंदिर पहुँचकर महायज्ञ में पूजा-अर्चना की।
महायज्ञ का महत्व
महायज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मुख्यमंत्री ने मां चंडिका का आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेश की समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने मां चंडिका मंदिर प्रांगण तथा मंदिर समूह के पुनर्निर्माण की घोषणा की, जिससे कि इस क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के आयोजन 20 वर्षों के बाद हुए हैं, और ये केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक भी हैं।
जनसहभागिता और सांस्कृतिक संरक्षण
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में जनसहभागिता को एक अनुपम उदाहरण बताते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सामाजिक आयोजन ही उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान हैं। ये आयोजन सामाजिक समरसता और एकता को सुदृढ़ करते हैं, और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सांस्कृतिक प्रयास
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास के नए आयामों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय सांस्कृतिक, सामाजिक और सहयोग की दृष्टि से स्वर्णिम काल है। उन्होंने बताया कि भारत को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति को सम्मान प्राप्त हो रहा है।
सरकारी वादे और विकास योजनाएँ
मुख्यमंत्री ने केदारनाथ मंदिर में 2013 में आई आपदा के बाद हुए व्यापक पुनर्निर्माण कार्यों का भी जिक्र किया, जिसका आज 'दिव्य एवं भव्य केदार' स्वरूप सबके सामने है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार धार्मिक आयोजनों की सफलता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगी।
धामी ने उत्तराखंड को एक समृद्ध राज्य बनाने के लिए सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार संकल्पित है। उन्होंने बताया कि देवभूमि के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा-निरोधक प्रावधानों जैसी विभिन्न कठोर कानूनी उपायों को लागू किया गया है।
दिवारा यात्रा और महायज्ञ
मां चंडिका की दिवारा यात्रा 21 नवम्बर 2025 से प्रारंभ होकर लगभग 26 गांवों का भ्रमण करेगी। यह यात्रा 20 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित की जा रही है, जिसमें बीरों देवल में 15 फरवरी से 9 दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। 22 फरवरी 2026 को विशाल जलयात्रा होगी और 24 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ यात्रा सम्पन्न होगी।
उपस्थित अतिथिगण
इस अवसर पर विधायक आशा नौटियाल ने क्षेत्र की विभिन्न मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने इन मांगों पर परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में विधायक भरत चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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सभी धार्मिक आयोजनों को देखते हुए, मुख्यमंत्री ने यह विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में कोई कमी नहीं रखेगी और स्थायी समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहेगी।
शुभकामनाएँ और ईश्वर से प्रार्थना कि मां चंडिका का आशीर्वाद प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहे।
सादर, टीम PWC न्यूज़
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