राज्य आपदा मोचन निधि की बैठक: कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली स्वीकृति
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य...
राज्य आपदा मोचन निधि की बैठक: कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली स्वीकृति
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में राज्य आपदा मोचन निधि से जुड़े कई प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
सचिवालय में आयोजित इस बैठक में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से संबंधित प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्यों द्वारा चर्चा की गई। इस बैठक में विभिन्न जनपदों से प्राप्त अनुदान प्रस्तावों पर विचार किया गया और कई प्रस्तावों को स्वीकृत किया गया।
आवश्यक निर्देश और सावधानियाँ
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्पष्ट किया कि सभी प्रस्तावों को जनपद स्तरीय समितियों की सिफारिशों के आधार पर जिलाधिकारियों के माध्यम से प्रेषित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही सिंचाई विभाग को नदियों की डेजिंग/माइनिंग प्रक्रिया के संचालन के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि "हमारे लिए यह ज़रूरी है कि हम उन नदियों की पहचान करें जहाँ हर साल कटान के चलते कार्यवाही करनी पड़ती है और चैनलाईजेशन की योजनाएं प्रस्तावित करें।"
स्वीकृत प्रस्तावों की सूची
बैठक में कुछ प्रमुख स्वीकृत प्रस्तावों का उल्लेख किया गया:
- नैनीताल के चार्टन लॉज के लिए भू-स्खलन सुरक्षा (लागत: ₹699.98 लाख)
- पिथौरागढ़ में खोटिला लैंड का ड्रेनेज कार्य (लागत: ₹3840.78 लाख)
- हरिद्वार के मनसा देवी बाईपास के लिए ड्रेनेज कार्य (लागत: ₹4124.83 लाख)
- उत्तरकाशी के धराली झूला पुल का सुरक्षात्मक कार्य (कुल लागत: ₹147.13 लाख)
- सितारगंज में बैगुल नदी के दांये और बाएं क्षेत्र में flood protection work (कुल लागत: ₹146.67 लाख)
इनके अलावा, अन्य जनपदों से भी कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं जिन पर चर्चा की गई। उत्तरकाशी में टैक्सी स्टैण्ड के ऊपर से भू-स्खलन की समस्या को दूर करने के लिए भी प्रस्तावित कार्य को स्वीकृति मिली है।
अनुदान आवंटन की प्रक्रिया
राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत विभिन्न मदों में अतिरिक्त धनराशि आवंटन हेतु उपलब्ध कराए गए प्रस्तावों के सापेक्ष कुल ₹34.00 करोड़ की वित्तीय स्वीकृतियों के संबंध में कार्योत्तर अनुमोदन प्राप्त हुआ। इस प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं श्री विनोद कुमार सुमन सहित अन्य अधिकारियों ने भी भाग लिया। उनके संवाद और मार्गदर्शन से इस बैठक को सार्थक दिशा मिली।
राज्य के नागरिकों के लिए यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण थी, क्योंकि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में swift और प्रभावी निर्णय लेने की आवश्यकता है। यह उम्मीद की जाती है कि इन स्वीकृत प्रस्तावों के माध्यम से विभिन्न जनपदों में जलवायु संबंधी चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी।
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सादर,
टीम PWC News
नेहा शर्मा
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