उत्तराखंड कॉलेज में बीटेक छात्रा ने जीवन समाप्त किया, परिवार में शोक की लहर

देहरादून। सुद्धोवाला स्थित BFIT कॉलेज में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। बीटेक प्रथम वर्ष की 17 वर्षीय छात्रा

Oct 11, 2025 - 09:53
 65  501.8k
उत्तराखंड कॉलेज में बीटेक छात्रा ने जीवन समाप्त किया, परिवार में शोक की लहर

उत्तराखंड कॉलेज में बीटेक छात्रा ने जीवन समाप्त किया, परिवार में शोक की लहर

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में एक बीटेक छात्रा ने आत्मघाती कदम उठाया है, जिसके बाद पूरे कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी का माहौल है।

देहरादून। सुद्धोवाला स्थित BFIT कॉलेज में गुरुवार को एक हृदयविदारक घटना घटित हुई। बीटेक प्रथम वर्ष की 17 वर्षीय छात्रा ने अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दर्दनाक घटना ने न केवल छात्रा के परिवार को सदमे में डाला है, बल्कि पूरे परिसर में शोक का माहौल बना दिया है। मृतका पंजाब की रहने वाली थी और वह कॉलेज परिसर के गर्ल्स हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही थी। घटनास्थल पर मौजूद अन्य छात्राओं ने बताया कि गुरुवार सुबह वह अपनी तीन रूममेट्स के साथ क्लास के लिए गई थी, लेकिन कुछ समय बाद उनका शव कमरे में लटका मिला।

संकेत और चिंताएँ

इस गंभीर घटना ने मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के मुद्दों को उजागर किया है, खासकर छात्रों में। कई बार यह देखने में आया है कि शिक्षा के दबाव, अपेक्षाएँ और व्यक्तिगत संघर्ष छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल सकते हैं। परिवार के सदस्य और मित्र इस स्थिति को देखने में असमर्थ होते हैं, जिससे गहरा सदमा पहुँचता है।

कालेज प्रशासन की प्रतिक्रिया

कॉलेज प्रशासन ने इस घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा है कि वे छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए विभिन्न पहल संचालित कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रशासन ने सभी छात्रों से आग्रह किया है कि वे अपनी भावनाओं और समस्याओं को साझा करें ताकि समय पर मदद की जा सके।

समाज का उत्तरदायित्व

यह घटना एक स्पष्ट संकेत है कि हमें अपने आस-पास के लोगों की मानसिक स्थिति का ध्यान रखना चाहिए। परिवार, मित्रों और समाज का उत्तरदायित्व बनता है कि वे एक-दूसरे के हालात को समझें और आवश्यक सहायता प्रदान करें। यदि कोई कठिनाई महसूस करता है, तो उसे किसी से बात करने में न हिचकें।

इसके अतिरिक्त, इस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है कि शिक्षा संस्थानों को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशिष्ट कार्यक्रम स्थापित करने चाहिए। ऐसे कार्यक्रमों में मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान, परामर्श सेवाएँ, और रुचिकर गतिविधियाँ शामिल हो सकती हैं।

निष्कर्ष

यह घटना न केवल उस छात्रा की आत्मा के लिए एक दुर्भाग्य है, बल्कि हम सभी के लिए एक शिक्षाप्रद अनुस्मारक है कि मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है। हमें अपने छात्रों को शिक्षा की दौड़ में ही नहीं, बल्कि उनके व्यक्तिगत विकास में भी सहयोग देना चाहिए।

यदि आप और अधिक अपडेट्स चाहते हैं, तो कृपया PWC News पर जाएं।

टीम PWC News

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow