टनकपुर: 34 यात्रियों की जान बचाने वाले चालक के परिवार को ₹20 लाख सहायता की मांग

स्वर्गीय थ्वाल को मरणोपरान्त राज्य स्तरीय सम्मान या विशिष्ट जनसेवा सम्मान देने और उनकी स्मृति में निगम द्वारा वार्षिक पुरस्कार

Jun 6, 2026 - 18:53
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टनकपुर: 34 यात्रियों की जान बचाने वाले चालक के परिवार को ₹20 लाख सहायता की मांग

टनकपुर: 34 यात्रियों की जान बचाने वाले चालक के परिवार को ₹20 लाख सहायता की मांग

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड परिवहन निगम के चालक स्वर्गीय बेनीराम थ्वाल ने अपने जान की बाजी लगाकर 34 यात्रियों की जान बचाने में अद्वितीय साहस का परिचय दिया। उनकी इस वीरता के सम्मान में अब उन परिजनों को ₹20 लाख सहायता देने की मांग उठाई जा रही है।

स्वर्गीय बेनीराम थ्वाल का बलिदान

उत्तराखंड परिवहन निगम के संविदा चालक स्वर्गीय बेनीराम थ्वाल का बलिदान टनकपुर में सुरक्षा के एक अतुलनीय उदाहरण के रूप में उभरा है। जब उनका बस एक भयंकर हादसे का शिकार हुआ, उन्होंने अपनी जान की परवाह ना करते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य किया। उनकी कर्तव्यनिष्ठा ने उन्हें ना केवल एक चालक, बल्कि एक नायक बना दिया।

परिवार को सहायता की मांग

इस वीरता के चलते, उत्तराखंड रोडवेज परिषद ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और निगम की प्रबन्ध निदेशक रीना जोशी को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने स्वर्गीय थ्वाल के परिवार के लिए ₹20 लाख की विशेष आर्थिक सहायता की मांग की है। परिषद के सदस्यों ने थ्वाल के अद्वितीय बलिदान को मान्यता देने की आवश्यकता जताई है।

राज्य स्तरीय सम्मान की मांग

स्वर्गीय थ्वाल की स्मृति को कायम रखने के लिए परिषद ने मरणोपरांत उन्हें राज्य स्तरीय सम्मान या विशिष्ट जनसेवा सम्मान देने की भी मांग की है। इसके साथ ही, निगम द्वारा एक वार्षिक पुरस्कार की भी सुझाव दी गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को उनके साहस और त्याग का इसे मान्यता मिले।

समुदाय का समर्थन

इस मांग को लेकर टनकपुर के स्थानीय लोग भी सक्रिय हैं। उन्होंने स्वर्गीय थ्वाल के परिवार के लिए समर्थन में कई प्रदर्शन और ज्ञापन प्रस्तुत किए हैं। लोग मानते हैं कि ऐसे व्यक्तियों की कर्तव्यनिष्ठा को सम्मानित करना समाज के लिए जरूरी है।

निष्कर्ष

स्वर्गीय बेनीराम थ्वाल का बलिदान न केवल एक प्रेरणा है, बल्कि यह हमारे समाज की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी है। ऐसे साहसी व्यक्तियों को आगे बढ़कर सम्मानित करना हमारी जिम्मेदारी बनती है। सरकार और स्थानीय निकायों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए थ्वाल के परिवार को यथाशक्ति सहायता प्रदान करें।

इस नायक की कहानी हमें यह सिखाती है कि समाज में साहस और सेवा का महत्व कितना बड़ा है। स्वर्गीय थ्वाल के बलिदान को सदैव याद रखा जाएगा।

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सादर,
टीम PWC News, सिमा बत्रा

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