डीएम पिथौरागढ़ की विकास योजनाओं की समीक्षा: महत्वपूर्ण निर्देश जारी
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला...
डीएम पिथौरागढ़ की विकास योजनाओं की समीक्षा: महत्वपूर्ण निर्देश जारी
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कम शब्दों में कहें तो, पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने शनिवार को विकास संबंधी योजनाओं की समीक्षा बैठक की। इसमें विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति और सरकारी घोषणाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक का उद्देश्य जिला योजना, 20-सूत्रीय कार्यक्रम, 25-सूत्रीय कार्यक्रम, मुख्यमंत्री की घोषणाओं तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1905) की प्रगति का मूल्यांकन करना था। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाय और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं का बिंदुवार विश्लेषण
बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री द्वारा जनपद के विकास के लिए की गई घोषणाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से प्रत्येक घोषणा की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि उन योजनाओं को, जिनमें भूमि हस्तांतरण, तकनीकी स्वीकृति, प्रशासनिक स्वीकृति या बजट आवंटन जैसी प्रक्रियाएं लंबित हैं, सर्वोच्च प्राथमिकता पर निपटाया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं, इसलिए अधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्यों को तेजी से धरातल पर लाने के लिए प्रेरित किया। इससे स्थानीय लोगों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
जिला योजना की समीक्षा
जिला योजना की समीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रारंभ करें और बजट का समयबद्ध एवं नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करें। गुणवत्ता के मामले में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करना अनिवार्य होगा।
बैठक के दौरान 20-सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा में उन विभागों पर नाराजगी व्यक्त की गई, जिनकी प्रगति 'बी', 'सी' तथा 'डी' श्रेणी में थी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं बेहतर प्रदर्शन के जरिए अपने विभागों को शीघ्र 'ए' श्रेणी में लाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करें।
जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
25-सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी देरी के पहुंचना चाहिए। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर ध्यान देना चाहिए।
सीधे शिकायतों के समाधान की आवश्यकता
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1905) और जनशिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों पर स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग साप्ताहिक स्तर पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करें और उनके त्वरित निस्तारण की जिम्मेदारी लें। उन्होंने कहा कि शिकायत का निस्तारण केवल दर्ज करना ही काफी नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता से संपर्क कर उसे भी संतुष्ट करना आवश्यक है।
जो विभाग शिकायतों का निस्तारण संतोषजनक नहीं पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान है। सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का पालन पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करें।
बैठक में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास आशीष पुनेठा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जेएस चुफाल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी निरंजन प्रसाद और अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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Team PWC News - प्रियंका मेहरा
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