मुख्यमंत्री धामी ने नशा मुक्त उत्तराखंड के लिए शपथ दिलाई, युवाओं को जागरूक करने की अपील
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हल्द्वानी में नशामुक्त उत्तराखण्ड अभियान के तहत आयोजित ‘रन...
मुख्यमंत्री धामी ने नशा मुक्त उत्तराखंड के लिए शपथ दिलाई
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हल्द्वानी में नशामुक्त उत्तराखण्ड अभियान के तहत ‘रन फॉर अवेयरनेस’ नामक रैली का आयोजन किया, जहां उन्होंने नशामुक्ति की शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री धामी ने आज आयोजित इस रैली का शुभारंभ एमबी इंटर कॉलेज मैदान से किया, जिसमें हजारों युवा, छात्र-छात्राएं, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। यह कार्यक्रम युवा मानसिकता को सकारात्मक दिशा में मोड़ने के साथ-साथ नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का एक प्रभावी प्रयास है।
रैली का उद्देश्य और मुख्यमंत्री का संदेश
रैली को हरी झंडी दिखाने के बाद, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह दौड़ केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह एक स्वस्थ और नशे से मुक्त उत्तराखण्ड की ओर बढ़ने का संकेत है। उन्होंने इस अवसर पर सभी युवाओं से अपील की कि वे नशे को ‘ना’ कहकर जीवन को ‘हाँ’ करने के लिए प्रेरित हों।
नशे का खतरा और इसका व्यापक प्रभाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा एक ‘साइलेंट वार’ की तरह आधुनिक समाज में फैल रहा है, जो कि युवा शक्ति का सबसे बड़ा शिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि मजाक-मजाक में युवा लोग नशे की चपेट में आ जाते हैं, जो बाद में उनके लिए वापसी करना बहुत मुश्किल बनाता है। नशा केवल व्यक्तिगत जीवन को नहीं बल्कि परिवारों की खुशियों को भी संकट में डाल देता है।
सरकारी प्रयास और नशा मुक्त भारत अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2020 में शुरू किए गए ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ को आधार मानकर राज्य सरकार इस दिशा में तेजी से कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने सैकड़ों आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मादक पदार्थों की बड़ी मात्रा बरामद की गई है। इसके अलावा, एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (ATF) केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जो राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध होंगे।
युवाओं की भागीदारी की आवश्यकता
मुख्यमंत्री धामी ने खासकर युवाओं से अपील की कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल कानून बनाने से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज की जागरूकता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि हम स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने मित्रों को भी जागरूक करेंगे।
उपसंहार
इस रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री धामी ने एक मजबूत संदेश दिया कि उत्तराखंड का युवा अब और अधिक जागरूक है और नशे के खिलाफ एक स्वर में ‘न’ कह रहा है। इस सकारात्मक एक्टिविज़्म से न केवल समाज में बदलाव होगा, बल्कि उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम बढ़ेगा।
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साभार, टीम PWC News (साक्षी गुप्ता)
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