मुख्य सचिव ने फोरेस्ट फायर नियंत्रण के लिए दिए महत्वपूर्ण निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में वनाग्नि की रोकथाम को लेकर संबंधित...

Apr 16, 2026 - 09:53
 49  16.8k
मुख्य सचिव ने फोरेस्ट फायर नियंत्रण के लिए दिए महत्वपूर्ण निर्देश

मुख्य सचिव ने फोरेस्ट फायर नियंत्रण के लिए दिए महत्वपूर्ण निर्देश

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News

कम शब्दों में कहें तो, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में वनाग्नि की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं, ताकि फायर सीजन से पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने वनाग्नि रोकने हेतु संबंधित विभागों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि वनाग्नि से संबंधित सभी समितियों और स्टेकहोल्डर्स के साथ आवश्यक बैठकें जनवरी महीने तक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं। इस संबंध में उन्होंने कहा कि सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी ताकि फायर सीजन से पहले कोई कमी ना रह जाए।

फायर हाइड्रेंट्स के लिए डेडिकेटेड प्रेशर पाइपलाइन

मुख्य सचिव ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर लगे फायर हाइड्रेंट्स के लिए डेडिकेटेड प्रेशर पाइपलाइन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। पेयजल विभाग को इस दिशा में शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है। इससे फायर ब्रिगेड की तत्काल पहुंच सुनिश्चित की जाएगी और आग बुझाने की कार्यवाही में तेजी आएगी।

फायर सुरक्षा की नियमित समीक्षा

मुख्य सचिव ने वन विभाग को निर्देश दिए कि वे ड्राइव चलाकर सभी प्रकार की वनाग्नि की रोकथाम से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। इसके तहत, गाड़ियों और उपकरणों का रखरखाव सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने प्रदेश के सभी लीसा डिपो में सुरक्षा व्यवस्थाएं पूर्व निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार स्थापित करने की बात भी की।

फॉरेस्ट फायर प्रिडिक्शन मॉडल

उन्होंने वन, मौसम एवं वन सर्वेक्षण संस्थान को फॉरेस्ट फायर के लिए आपदा की तर्ज पर प्रिडिक्शन मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए। इस मॉडल की मदद से फॉरेस्ट फायर की संभावनाओं का पहले से अनुमान लगाया जा सकेगा, जिससे जानमाल के नुकसान को रोकने और कम करने में मदद मिलेगी।

पिरूल का निस्तारण और आर्थिक समृद्धि

मुख्य सचिव ने जंगलों से पिरूल के निस्तारण और पिरुल ब्रिकेट के उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। पिरुल ब्रिकेट को वैकल्पिक ईंधन के रूप में स्थापित करने के लिए अधिक से अधिक यूनिट लगाने पर जोर दिया गया है। इससे वनाग्नि की रोकथाम में तो मदद मिलेगी, साथ ही हमारी खुदरा समूहों की आर्थिकी को सुधारने में भी सहायक सिद्ध होगा।

उन्होंने बताया कि यह कदम कार्बन क्रेडिट से भी जोड़ा जा सकता है, जिससे वनाग्नि को रोकने में मदद मिलती है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि इससे स्थानीय समुदायों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।

इस प्रकार, प्रमुख सचिव के महत्त्वपूर्ण निर्देश कार्य योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं, जिससे प्रभावी रूप से फोरेस्ट फायर को नियंत्रित किया जा सकेगा। इसके अलावा, इसके तहत उठाए गए कदमों से पर्यावरण, वन्य जीवों और स्थानीय समुदायों के लिए भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

फेयर सीजन के पहले सभी विभागों को अपनी तैयारियों में जुटना होगा, ताकि प्रदेश को वनाग्नि के खतरों से सुरक्षित रखा जा सके।

अधिक अपडेट के लिए, यहां क्लिक करें.

Team PWC News

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow