उत्तराखंड की पूजा राणा को मिला ‘राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल’ पुरस्कार, राष्ट्रपति ने सम्मानित किया

नई दिल्ली/देहरादून। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर आज 12 मई को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी

May 12, 2026 - 18:53
 58  17.9k
उत्तराखंड की पूजा राणा को मिला ‘राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल’ पुरस्कार, राष्ट्रपति ने सम्मानित किया

उत्तराखंड की पूजा राणा को मिला ‘राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल’ पुरस्कार

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News

कम शब्दों में कहें तो, अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के मौके पर, उत्तराखंड की पूजा राणा को उनके उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है।

समारोह का आयोजन

नई दिल्ली/देहरादून। आज 12 मई को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार’ प्रदान किए। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने नर्सिंग क्षेत्र में योगदान देने वाले कई उत्कृष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया।

पूजा राणा का योगदान

इस समारोह में विशेष बात यह थी कि उत्तराखंड की पूजा परमार राणा को उनकी असाधारण और समर्पित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। पूजा राणा जनपद उत्तरकाशी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में कार्यरत हैं और उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में अनगिनत रोगियों की सेवा की है। उनकी मेहनत, ज्ञान और निस्वार्थ सेवा ने उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए योग्य बना दिया।

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार का महत्व

यह पुरस्कार नर्सिंग पेशे के लिए सबसे बड़े सम्मान में से एक माना जाता है, जो मरीजों की देखभाल में नर्सों की भूमिका को उजागर करता है। हर साल यह पुरस्कार उन नर्सों को दिया जाता है जिन्होंने अपने कार्य में उत्कृष्टता दिखाई हो और जिन्होंने समाज में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया हो।

राष्ट्रपति का संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह के दौरान कहा कि नर्सिंग पेशा समाज की रीढ़ है और यह न केवल मरीजों की भलाई के लिए बल्कि समाज के समग्र स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने नर्सों को प्रेरित किया कि वे आगे भी अपने पेशे में उत्कृष्टता का प्रयास करती रहें।

पूजा राणा की प्रेरणा

पूजा राणा ने इस पुरस्कार को प्राप्त करने के बाद कहा, "यह मेरे लिए गर्व का क्षण है। मैं अपने समर्पित साथियों और परिवार को धन्यवाद देती हूं जिन्होंने मुझे हमेशा समर्थन दिया। मेरा यह प्रयास है कि मैं अपने कार्य के माध्यम से और अधिक लोगों की सहायता कर सकूं।" उनकी साधारणता और समर्पण ने न केवल उन्हें इस पुरस्कार तक पहुंचाया है, बल्कि उन्होंने अन्य नर्सों के लिए भी एक प्रेरणा का उदाहरण पेश किया है।

सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा में उनके योगदान

पूजा राणा का योगदान केवल उनके कार्य क्षेत्र तक सीमित नहीं है। वे सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में भी सक्रिय रहीं हैं, जहां उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का प्रयास किया है। उनके द्वारा चलाए गए कई स्वास्थ्य शिविरों ने जनचेतना और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बढ़ाने में सहायता की है।

समाज में स्वास्थ्य सेवाओं का महत्व

इस पुरस्कार के माध्यम से, यह बताना महत्वपूर्ण है कि स्वास्थ्य सेवाएँ समाज की आधारशिला होती हैं। नर्सों का कार्य न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में है, बल्कि समाज के हर वर्ग की देखभाल करना भी है। जब नर्स अपने कार्य के प्रति सजग रहती हैं, तब समाज का स्वास्थ्य भी बेहतर होता है।

राजनीतिक और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि नर्सिंग क्षेत्र में ऐसे पुरस्कारों से न केवल नर्सों की मेहनत को सराहा जाता है, बल्कि इससे आने वाले नर्सिंग पेशेवरों को भी प्रेरणा मिलती है।

अंत में, पूजा राणा का यह सम्मान न केवल उनके लिए, बल्कि उत्तराखंड के समस्त स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए गर्व का विषय है। इससे उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता की पुष्टि होती है और यह एक संकल्प है कि स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्टता का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

हमारी तरफ से पूजा राणा को इस पुरस्कार के लिए ढेर सारी बधाइयाँ और शुभकामनाएं! उनके जैसे समर्पित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की वजह से ही समाज में स्वस्थ स्वास्थ्य सेवाएं संभव हो पाती हैं।

For more updates, visit PWC News.

सादर,

टीम PWC News, संजना

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow