मुख्य सचिव ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में पीएम प्रगति के अंतर्गत योजनाओं की...

Dec 30, 2025 - 09:53
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मुख्य सचिव ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

मुख्य सचिव ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

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कम शब्दों में कहें तो मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में पीएम प्रगति योजनाओं की गहन समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में पीएम प्रगति के अंतर्गत प्रदेश स्तर की योजनाओं की समीक्षा की। इस बैठक में उन्होंने प्रधानमन्त्री की योजनाओं और प्रदेश सरकार की योजनाओं के समन्वय की भी आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महीने में एक निश्चित दिन निर्धारित कर राज्य सरकार और केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा बैठक करनी चाहिए। प्रारंभिक बैठक जनवरी 2026 में आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि योजनाओं की प्रगति को मापा जा सके और समस्याओं का समाधान किया जा सके।

मुख्य सचिव ने पीएमश्री योजना के अंतर्गत चिन्हित स्कूलों में आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लासेस और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं का शीघ्र निर्माण करने के लिए निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने ईएफसी/डीएफसी सहित सभी कार्यों को मार्च तक पूरा करने की आवश्यकता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समय पर कार्य पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों को लक्ष्य निर्धारित करने और नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने की सलाह दी।

इसके अलावा, उन्होंने अटल टिंकरिंग लैब की तर्ज पर स्कूलों में टिंकरिंग लैब तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि ऐसे नवाचारी और जिज्ञासु अध्यापकों का चयन किया जाए, जो छात्रों की प्रतिभा को निखार सकें। शुरूआत में 10-12 स्कूलों को तैयार कर नवोन्मेषी प्रोटोटाइप मॉडल तैयार करवाने के लिए भी उद्देश्य निर्धारित किया गया है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें।

मुख्य सचिव ने प्राथमिक विद्यालयों में खेल के मैदानों की कमी पर भी चिंता जताई। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे स्कूलों के लिए नजदीकी क्षेत्र में खेल के मैदान की व्यवस्था की जाए। इसके लिए क्षेत्रीय राजस्व अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सहकारिता विभाग के अंतर्गत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों की समीक्षा के दौरान, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन समितियों का कम्प्यूटरीकरण शीघ्रता से पूरा किया जाए। इसके साथ ही, ऑन-सिस्टम ऑडिट और डे-एंड क्लोजर को 100 प्रतिशत लागू करने की आवश्यकता भी व्यक्त की गई।

यह बैठक राज्य के विकास एवं प्रगति के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है। योजनाओं की गुणवत्ता और कार्यान्वयन में सुधार करते हुए, सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

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सादर,
टीम PWC News

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